

- राजेश्वरी सक्सेना



केला इसको अच्छा लगता गन्ना इसको मीठा लगता !
मोटी तोंद हिलाता आया, हाथी आया हाथी आया !!
बड़े बड़े दो दांत हैं इसके मुंह में छोटे दांत हैं इसके !
बड़ा सा सर हिलाता आया, हाथी आया हाथी आया !!
इसकी चाल बड़ी मतवाली, इसकी सूंड बड़ी मतवाली !
झूम झूम के चलता आया, हाथी आया हाथी आया !!
- राजेश्वरी सक्सेना

मैं भी शिमला घूम के आई
शिमला की मत पूछो भाई, मैं भी शिमला घूम के आई
ऊंचे ऊंचे पर्वत देखे, गहरी गहरी घाटी देखीं
झरने की कल कल मेरे मन को भाई
मैं भी शिमला घूम के आई
घनघोर घनेरे बादल देखे, ठंडी बर्फीली घाटी देखीं
बरखा की रिमझिम बूँदें मेरे मन को भाई
मैं भी शिमला घूम के आई
हरे पेड़ लहराते देखे, सुंदर फूल मुस्काते देखे
नदियों की लहराती चाल मेरे मन को भाई
मैं भी शिमला घूम के आई
धरती का सुंदर रूप रहे ऐसा ही पावन
हरा भरा कर दे धरती को, ये संकल्प मन में लेके आई
मैं भी शिमला घूम के आई
